प्रदेश के कौशल विकास केंद्रों में अखबार से अपडेट होंगे युवा, समाचार पत्र पठन-पाठन हुआ अनिवार्य
रोजाना कम से कम एक हिंदी व एक अंग्रेजी अखबार कराना होगा उपलब्ध
लखनऊ। प्रदेश के बेसिक, माध्यमिक व अटल आवासीय विद्यालयों के साथ ही अब कौशल विकास मिशन के प्रशिक्षण केंद्रों के युवा भी अखबारों से खुद को अपडेट कर सकेंगे। सभी 75 जिलों में संचालित 800 से अधिक कौशल प्रशिक्षण केंद्रों पर अखबार का पठन-पाठन अनिवार्य किया गया है। इससे युवा कौशल विकास के साथ देश-दुनिया की घटनाओं, समसामयिक विषयों और सामान्य ज्ञान से भी नियमित रूप से जुड़ेंगे। वर्तमान में यहां पर एक लाख से अधिक युवा विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण ले रहे हैं।
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि इस निर्णय का उद्देश्य प्रशिक्षणार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने के साथ उनमें आत्मविश्वास, संवाद कौशल और विश्लेषणात्मक सोच का विकास करना है। इसके अंतर्गत कौशल विकास केंद्रों, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना और प्रोजेक्ट प्रवीण सहित सभी योजनाओं के तहत संचालित बैचों में कक्षा की शुरुआत समाचार पत्र पठन से होगी।
इसके लिए प्रशिक्षण प्रदाताओं (टीपी) और प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन एजेंसियों (पीआईए) को अपने-अपने केंद्रों पर रोजाना कम से कम एक हिंदी और एक अंग्रेजी अखबार अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा।
सामान्य ज्ञान बढ़ेगा, भाषा शैली सुधरेगी
कौशल विकास मिशन निदेशक पुलकित खरे ने कहा कि अखबार पढ़ने से प्रशिक्षार्थियों के सामान्य ज्ञान व करंट अफेयर्स की जानकारी में बढ़ेगी। यह सरकारी व निजी क्षेत्र की नौकरियों में चयन के लिए जरूरी है। समाचारों के विश्लेषण से युवाओं में समालोचनात्मक चिंतन विकसित होगा, इससे वे निर्णय लेने में अधिक सक्षम बनेंगे। वहीं, पहेलियों, सांस्कृतिक लेखों व प्रेरक कथाओं से एकाग्रता, धैर्य व संवेदनशीलता जैसे गुण भी विकसित होंगे।
निरीक्षण : खरे ने बताया कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से जिला समन्वयक व अन्य अधिकारी करेंगे नियमित लागू कर दिया गया है। इसकी निगरानी के लिए जिला समन्वयक, एमआईएस मैनेजर व अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे हर महीने के निरीक्षण में विशेष समीक्षा कर रिपोर्ट में इसका उल्लेख करें। इसे प्रशिक्षण प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा माना जाएगा।
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