छुट्टियों में नहीं हुआ तबादला तो बेसिक शिक्षक विरोध में जुटे, प्रादेशिक स्थानांतरण समिति का गठन कर सोशल मीडिया से लेकर ज्ञापन देने का चलाएंगे अभियान
लखनऊ। प्रदेश में इस साल जाड़े की छुट्टियों में जिले के अंदर और एक से दूसरे जिले में तबादला नहीं किया गया। इसे लेकर अब तक उम्मीद लगाए बेसिक के शिक्षक अब विरोध में जुट गए हैं। उन्होंने प्रादेशिक स्थानांतरण समिति का गठन करते हुए चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। यह आंदोलन शुक्रवार से शुरू हो रहा है।
शिक्षकों ने कहा कि विभाग ने पूर्व में जारी शासनादेश में खुद कहा है कि वह गर्मी व जाड़े की छुट्टियों में जिले के अंदर और एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादला करेगा। इसके बाद भी इस जाड़े की छुट्टियों में कोई प्रक्रिया नहीं की गई। जबकि शिक्षकों ने इसके लिए विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन भी दिया था। ऐसे में अब उनके सामने विरोध-प्रदर्शन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
प्रादेशिक स्थानांतरण समिति के राजीव गौड़ ने बताया कि तबादले के लिए चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है। इसके तहत पहले चरण में शिक्षक 23 जनवरी को ट्वीटर व फेसबुक के माध्यम से डिजिटल अभियान चलाएंगे। दूसरे चरण में संबंधित अधिकारियों से संवाद और ज्ञापन दिया जाएगा। इसके बाद भी मांग न पूरी हुई तो बेसिक शिक्षा मंत्री आवास व निदेशालय पर धरना दिया जाएगा।
कैशलेस चिकित्सा की जल्द मिले सुविधाः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर की गई घोषणा के चार महीने बाद भी शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों को कैशलेस चिकित्सा की सुविधा नहीं मिली है। इसे लेकर शिक्षक संगठनों ने नाराजगी जताते हुए इसे जल्द लागू करने की मांग की है। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ ने इसके साथ ही शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्यता मामले में जल्द राहत देने की मांग की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि इस पर अब तक कोई सकारात्मक निर्णय न होने से देश व प्रदेश के शिक्षकों में नाराजगी है।
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