यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला : 15 लाख शिक्षकों व कर्मियों को पांच लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा, सरकारी के साथ निजी अस्पतालों में भी करा सकेंगे इलाज
उत्तर प्रदेश : बड़ा शिक्षक वर्ग कैशलेस इलाज के निर्णय से छूटा
लखनऊ। कैशलेस इलाज की सुविधा से जुड़ा शिक्षा क्षेत्र का एक बड़ा वर्ग कैबिनेट निर्णय की परिधि से अछूता रह गया। महत्वपूर्ण बात यह है कि बीते पांच सितंबर को मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा में इस वर्ग को भी प्रमुखता से शामिल किया गया था।
गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में हुए निर्णय में इस वर्ग का कहीं भी कोई जिक्र नहीं होने से भारी नाराज़गी है। इसमें उच्च शिक्षा से जुड़े अशासकीय एडेड डिग्री कालेजों के शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों के साथ-साथ स्ववित्त पोषित डिग्री कालेजों के शिक्षक के अलावा अल्प मानदेय वाले कस्तूरबा के चपरासी, चौकीदार एवं रसोइये शामिल हैं।
कैबिनेट ने बेसिक से लेकर माध्यमिक तक के शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मियों को यह सुविधा प्रदान करने के प्रस्ताव को स्वीकृति तो दी लेकिन उच्च शिक्षा के अनुदानित और स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मियों को शामिल नहीं किया गया।
स्ववित्तपोषित एवं एडेड डिग्री कालेजों के शिक्षकों का कहना है कि सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में नियमित शिक्षकों की कमी के चलते निजी स्त्रोतों से रखे गए शिक्षक और शिक्षिकाएं लंबे समय से शिक्षण कार्य कर रहे हैं। उन्हें भी इस योजना में सम्मिलित करनाजरूरी है।
रिटायर शिक्षकों को भी कैशलेस सुविधा देने की मांगः उत्तर प्रदेश अवकाश प्राप्त माध्यमिक शिक्षक कल्याण एसोसिएशन ने सेवानिवृत शिक्षकों की वेदना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री से रिटायर्ड शिक्षकों के लिए भी कैशलेस चिकित्सा की सुविधा दिलाए जाने का अनुरोध किया है।
इन संगठनों ने शासन को भेजा पत्र
उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान तथा लुआक्टा के अध्यक्ष डॉ मनोज पांडेय के अलावा उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) के महामंत्री लालमणि द्विवेदी के साथ-साथ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय शिक्षक-शिक्षणेत्तर यूनियन आल इन्डिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल कुमार बंसल ने शासन को पत्र भेजकर छूटे कर्मियों को भी इस योजना से जोड़ने की अपील की है।
यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला
15 लाख शिक्षकों व कर्मियों को पांच लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा, सरकारी के साथ निजी अस्पतालों में भी करा सकेंगे इलाज
लखनऊ। प्रदेश में बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को बड़ा तोहफा मिला है। 15 लाख से अधिक शिक्षकों, शिक्षणेतर कर्मचारियों व उनके आश्रितों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। लाभसरकारी और निजी अस्पताल दोनों में मिलेगा। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ साचीज से जुड़े निजी अस्पतालों में भी मिलेगी। इलाज की दरें प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा तय मानकों के अनुसार होंगी। इस फैसले के तहत लगभग 448 करोड़ रुपये का व्यय होगा।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों व परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालयों (अनुदानित एवं स्ववित्त पोषित) में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, विशेष शिक्षकों, अनुदेशकों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कार्यरत वार्डेन, पूर्ण कालिक, अंशकालिक शिक्षकों व पीएम पोषण योजना के तहत रसोइयों और उनके आश्रितों को भी इसका लाभ मिलेगा।
शिक्षक दिवस पर सीएम ने की थी घोषणा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच सितंबर 2025 को शिक्षक दिवस पर शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों व रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी। इस पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर अब कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। इसके बाद जल्द ही इसका शासनादेश जारी होगा और योजना को प्रभावी बनाया जाएगा।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि इस योजना से बेसिक शिक्षा परिषद के 11.95 लाख से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों को लाभमिलेगा। सरकार की इस विशेष पहल से प्रति कर्मचारी करीब 3000 रुपये सालाना प्रीमियम के हिसाब से कुल 358.61 करोड़ रुपये का वार्षिक खर्च अनुमानित है।
माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने बताया कि विभाग के अनुदानित विद्यालयों के शिक्षकों (व्यावसायिक शिक्षा के विषय विशेषज्ञों व मानदेय शिक्षकों सहित),संस्कृत शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों (मानदेय शिक्षकों सहित), माध्यमिक शिक्षा परिषद व संस्कृत शिक्षा परिषद के मान्यता प्राप्त स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों और माध्यमिक शिक्षा विभाग के राजकीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों में मानदेय पर कार्यरत व्यावसायिक शिक्षा के विषय विशेषज्ञों व उनके आश्रितों को यह सुविधा मिलेगी। सरकार की इस पहल का लाभ 2.97 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा। इस पर 89.25 करोड़ का व्यय अनुमानित है।
स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों का होगा सत्यापन: बेसिक के स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों को सत्यापन के बाद योजना का लाभ मिलेगा। इसके लिए जिलों में जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जाएगा। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
बेसिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत कार्यरत उपर्युक्त शिक्षकों/कार्मिकों एवं उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा अनुमन्य कराये जाने में प्रति कार्मिक अनुमानित रू0 3000/- वार्षिक प्रीमियम की दर से व्यय भार अनुमानित है। इससे लाभांवित होने वाले कुल कार्मिकों की संख्या- 11,95,391 के सापेक्ष धनराशि रू० 358.61 करोड़ का वार्षिक वित्तीय व्यय भार अनुमानित है।
उक्त कैशलेस उपचार सुविधा योजना का क्रियान्वयन State Agency for Comprehensive health and integrated services (साचीज) के माध्यम से कराया जाना प्रस्तावित है। उक्त सुविधा राजकीय चिकित्सालयों तथा साचीज के साथ सम्बद्ध निजी चिकित्सालयों में अनुमन्य होगी, जिसकी दरें वही होगी जो प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभिकरण (NHA) द्वारा समय-समय पर संसूचित की जायेगी।
यूपी के शिक्षकों को योगी सरकार की सौगात, कैशलेस मेडिकल सुविधा का तोहफा किया कैबिनेट ने पास
UP Teachers Cashless Medical: उत्तर प्रदेश में टीचर्स को योगी सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कैबिनेट बैठक के बाद 30 प्रस्ताव पर निर्णय हुआ। बेसिक शिक्षा विद्यालयों के टीचर्स को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। 11 लाख 95 हजार 391 टीचर्स को कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। इसमें 358.61 करोड़ रुपये की लागत आएगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग के टीचर्स को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। लगभग 3 लाख टीचर्स को ये सुविधा मिलेगी।
आज की कैबिनेट बैठक में मिल सकती शिक्षक-कर्मियों को कैशलेस इलाज के प्रस्ताव को मंजूरी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में प्रदेश कैबिनेट की बैठक गुरुवार को होगी। इसमें 29 से अधिक प्रस्तावों को मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। योगी सरकार माध्यमिक और बेसिक शिक्षकों, शिक्षामित्रों को बड़ा तोहफा देने जा रही है। इन्हें पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है।
प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों तथा स्ववित्त पोषित माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, वार्डन, रसोइया व उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने का प्रस्ताव है। इससे पांच लाख से अधिक शिक्षक व अन्य लाभान्वित होंगे।






