यूपी बोर्ड: वर्ष 2028 से 10वीं में सात विषयों और वर्ष 2030 में इंटरमीडिएट में छह विषयों की होगी बोर्ड परीक्षा
यूपी बोर्ड: वर्ष 2028 से 10वीं में सात विषयों और वर्ष 2030 में इंटरमीडिएट में छह विषयों की होगी बोर्ड परीक्षा
2026-27 सत्र से व्यावसायिक पाठ्यक्रम होगा अनिवार्य
प्रत्येक छात्र-छात्रा को एक व्यवसायिक विषय लेना होगा
प्रयागराज। एक अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रहे 2026-27 शैक्षणिक सत्र से यूपी बोर्ड अपने पाठ्यक्रम में बहुत बड़ा बदलाव करने जा रहा है। इस सत्र से कक्षा नौ से व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य किया जा रहा है। मतलब नए सत्र में जो भी विद्यार्थी यूपी बोर्ड के स्कूल में कक्षा नौ में प्रवेश लेगा उसे व्यावसायिक शिक्षा के तहत एक विषय अनिवार्य रूप से लेना होगा। इस प्रकार 2028 में हाईस्कूल के छह की बजाय सात विषयों की बोर्ड परीक्षा होगी।
परीक्षा कराई जाएगी। कक्षा नौ में एक विषय हिंदी अथवा प्रारंभिक हिंदी, दूसरे विषय के रूप में एक आधुनिक भारतीय भाषा या अंग्रेजी या शास्त्रीय भाषा संस्कृत, पाली, अरबी या फारसी और तीसरे विषय के रूप में गणित या गृह विज्ञान (केवल बालिकाओं के लिए), चौथे विषय के रूप में विज्ञान, पांचवें विषय के रूप में सामाजिक विज्ञान लेना होगा।
छठवें विषय के रूप में एक भाषा जो पहले न ली हो या संगीत गायन/वादन, वाणिज्य, चित्रकला, कृषि, सिलाई, रंजन कला, कंप्यूटर, मानव विज्ञान, हेल्थ केयर, रिटेल ट्रेडिंग, ऑटोमोबाइल, आईटी/आईटीईएस, प्लम्बर, इलेक्ट्रीशियन, सोलर सिस्टम रिपेयर या मोबाइल रिपेयर आदि पहले से संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रम में से कोई एक लेना होगा।
सातवें विषय के रूप में जीवन कौशल (नैतिक, योग, खेल एवं शारीरिक शिक्षा, समाजोपयोगी, उत्पादक एवं समाज सेवा कार्य) या व्यावसायिक कौशल विकास के लिए व्यावसायिक शिक्षा के 16 में से किसी एक सेक्टर से एक जॉब रोल में प्रशिक्षण प्राप्त किया जा सकता है।