बोर्डिंग स्कूलों की तर्ज पर विकसित किए जाएंगे सभी सर्वोदय विद्यालय, समाज कल्याण विभाग व बोर्डिंग स्कूल एसोसिएशन के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर
लखनऊ। समाज कल्याण विभाग ने प्रदेश के 112 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता और आवासीय व्यवस्था सुधारने के लिए नई पहल की है। इसके तहत बुधवार को समाज कल्याण विभाग और बोर्डिंग स्कूल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएसएआई) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। यह एमओयू गोमतीनगर स्थित भागीदारी भवन में संपन्न हुआ।
इस समझौते के माध्यम से सर्वोदय विद्यालयों में देश के अग्रणी बोर्डिंग स्कूलों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियां अपनाई जाएंगी। इसका उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है। साथ ही छात्रावास प्रबंधन, छात्र देखभाल और अनुशासन को सुदृढ़ किया जाएगा। नेतृत्व विकास और जीवन कौशल पर भी ध्यान दिया जाएगा। तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक और आवासीय वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।
एसओपी में शैक्षणिक भ्रमण भी
एमओयू के तहत सर्वोदय विद्यालयों के प्रधानाचार्य और शिक्षक बीएसएआई से संबद्ध स्कूलों का शैक्षणिक भ्रमण करेंगे। वे वहां की शिक्षण व्यवस्था, छात्रावास संचालन और प्रशासनिक प्रणाली का अध्ययन करेंगे। इस अध्ययन के आधार पर एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी। इसे प्रदेश के सभी 112 सर्वोदय विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
बोर्डिंग स्कूलों जैसी शिक्षा देना उद्देश्य
समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों को सर्वश्रेष्ठ बोर्डिंग स्कूलों जैसी शिक्षा उपलब्ध कराना है। बीएसएआई के साथ यह साझेदारी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव ने इसे सर्वोदय विद्यालयों के लिए नई शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को श्रेष्ठ व्यवस्थाओं से सीखने का अवसर मिलेगा।
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