टीईटी से राहत / छूट देने संबंधी लोकसभा में पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में शिक्षा राज्य मंत्री ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्देशों की जानकारी दी, संशोधन, छूट या राहत पर नहीं की कोई पुष्टि
नई दिल्ली। लोकसभा में पूछे गए एक अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्देशों की जानकारी दी। सरकार ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) आरटीई अधिनियम के तहत शिक्षक नियुक्ति के लिए निर्धारित न्यूनतम अनिवार्य अर्हताओं में से एक है।
सरकार ने यह भी अवगत कराया कि सुप्रीम कोर्ट ने 29 मई 2026 के अपने आदेश में टीईटी अर्हता प्राप्त करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी है, ताकि पात्र शिक्षकों को आवश्यक योग्यता हासिल करने का पर्याप्त अवसर मिल सके।
इसके साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सरकारों एवं संबंधित प्राधिकारियों से अपेक्षा की है कि वे टीईटी का आयोजन नियमित रूप से करें तथा संभव हो तो वर्ष में दो बार, लगभग छह माह के अंतराल पर परीक्षा आयोजित करने का प्रयास करें। इससे पात्र अभ्यर्थियों एवं कार्यरत शिक्षकों को निर्धारित समयसीमा के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करने का उचित अवसर मिल सकेगा।
केंद्र सरकार ने अपने उत्तर में यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षकों की भर्ती, सेवा शर्तें और तैनाती राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के अधिकार क्षेत्र का विषय है। इसलिए टीईटी से संबंधित कार्यरत शिक्षकों का राज्यवार विवरण संबंधित राज्य सरकारों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के पास उपलब्ध है।
उत्तर में टीईटी से छूट (Exemption/Relaxation) देने के लिए किसी प्रकार की नई पहल, संशोधन प्रस्ताव, या प्रक्रिया चलने की बात नहीं कही गई है।
पत्र का सार यह है कि—
1️⃣ केंद्र सरकार ने कहा है कि शिक्षक भर्ती, सेवा शर्तें और तैनाती का विषय राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आता है।
2️⃣ सर्वोच्च न्यायालय के 1 सितंबर 2025 के निर्णय का उल्लेख किया गया है, जिसमें टीईटी को आरटीई अधिनियम के तहत शिक्षक नियुक्ति के लिए न्यूनतम अनिवार्य योग्यता माना गया।
3️⃣ 29 मई 2026 के निर्णय का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि टीईटी प्राप्त करने की अंतिम समय-सीमा 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी गई है।
4️⃣ राज्यों को सलाह दी गई है कि टीईटी परीक्षा नियमित रूप से, अधिमानतः वर्ष में दो बार आयोजित करने का प्रयास करें ताकि पात्र शिक्षक समय-सीमा के भीतर टीईटी उत्तीर्ण कर सकें।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि प्रश्न (c) और (e) में सांसद ने स्पष्ट रूप से पूछा था कि—
🔴 क्या आरटीई अधिनियम की धारा 23 में संशोधन कर पूर्व नियुक्त शिक्षकों को राहत देने का प्रस्ताव है?
🔴 क्या किसी प्रकार की संक्रमणकालीन (transitional) राहत पर विचार किया जा रहा है?
लेकिन सरकार के उत्तर में इन दोनों बिंदुओं पर किसी भी संशोधन, छूट या राहत पर विचाराधीन होने की पुष्टि नहीं की गई। उत्तर केवल वर्तमान कानूनी स्थिति, सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय और समय-सीमा बढ़ाने तक सीमित है।
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