प्रदेश के वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के 3.50 लाख शिक्षकों को भी मिलेगा कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ, शिक्षकों के चिह्नांकन और पंजीकरण कराने का निर्देश जारी
प्रधानाध्यापक करेंगे की प्रक्रिया पूरी करने के बाद आवेदन का सत्यापन
लखनऊ। राजकीय और एडेड विद्यालयों के बाद अब प्रदेश के 2500 से अधिक वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के करीब 3.50 लाख शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। शासन ने इसके लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक को शिक्षकों के चिह्नांकन और पंजीकरण कराने का निर्देश दे दिया है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से फरवरी 2026 में राजकीय और एडेड विद्यालय में यह सुविधा शुरू करते हुए कहा गया था कि वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों का कोई अधिकृत आंकड़ा नहीं है। इसलिए इनके चिह्नह्मांकन के लिए अलग से आदेश जारी किया जाएगा। इसी क्रम में विभाग के विशेष सचिव उमेश चंद्र ने जारी आदेश में कहा है कि वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों का सीएम शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के लिए विकसित पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा।
आदेश के मुताबिक शिक्षक खुद और अपने आश्रित का पोर्टल पर आधार कार्ड के अनुसार ब्योरा दर्ज करेंगे। उनके आवेदन का प्रधानाध्यापक-प्रधानाचार्य सत्यापन कर अग्रसारित करेंगे। इसमें वे शिक्षक की नियुक्ति नियमानुसार होने और कार्यरत होने का परीक्षण करेंगे। साथ ही संबंधित शिक्षक के किसी कारण से विद्यालय से अलग होने की स्थिति में प्रधानाचार्य-प्रधानाध्यापक डीआईओएस को अवगत कराएं। ऐसे शिक्षकों को योजना से अलग रखा जाएगा।
प्रधानाध्यापक-प्रधानाचार्य के आवेदन को प्रमाणित करने के बाद अंतिम अनुमोदन डीआईओएस द्वितीय करेंगे। डीआईओएस सत्यापन आवेदन स्वीकृत करेंगे। इस क्रम में माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
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